सेवा संकल्प अभियान 2026–27 के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत – चित्र सेवा’ कार्यक्रम के तत्वावधान में “विकसित भारत -2047” शीर्षक पर दिनांक 12.10.2026 को डॉ. पी. द. ब. हि. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार में चित्रकला तथा रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और सुंदर चित्रों की रचना की। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना तथा चित्रकला के माध्यम से भारत के प्रति उनके सपनों, विचारों, आकांक्षाओं एवं सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्त करने के लिए मंच प्रदान करना था।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विनोद सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि चित्रकला केवल रंगों और रेखाओं का संयोजन नहीं, बल्कि विचारों, भावनाओं और सामाजिक चेतना की सशक्त अभिव्यक्ति है। ‘मेरे सपनों का भारत’ जैसे विषय विद्यार्थियों को राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका पर विचार करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता से उनमें कलात्मक अभिरुचि विकसित होने के साथ-साथ सकारात्मक सोच, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी सुदृढ़ होती है।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) डी. एस. नेगी ने अपने आशीर्वचन में छात्र-छात्राओं की रचनात्मक सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना भी है। कला विद्यार्थियों की संवेदनशीलता, कल्पनाशीलता और मौलिक चिंतन को विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा का निरंतर विकास करने तथा अपनी कला के माध्यम से समाज और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता के मूल्यांकन हेतु निर्णायक मंडल में डॉ. प्रवीण डोभाल, डॉ. मनीषा सिंह एवं डॉ. अंशिका बंसल सम्मिलित रहे। निर्णायकों द्वारा प्रतिभागियों की चित्रात्मक अभिव्यक्ति, विषय की प्रासंगिकता, मौलिकता, रचनात्मकता एवं रंग संयोजन जैसे विभिन्न पक्षों के आधार पर चित्रों का मूल्यांकन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अविरति (बी.ए. प्रथम सेमेस्टर), द्वितीय स्थान शूबी (बी.कॉम. प्रथम सेमेस्टर) तथा तृतीय स्थान दिव्यांशी चौहान (बी.एससी. तृतीय सेमेस्टर) ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता में उनकी उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल बनाया। प्रतियोगिता ने कला के माध्यम से राष्ट्र निर्माण, सामाजिक चेतना और सकारात्मक परिवर्तन के संदेश को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करने की दिशा में सार्थक पहल की।
