राजकीय प्राथमिक विद्यालय मेरुड़ा, विकासखण्ड जयहरीखाल, पौड़ी गढ़वाल
राजकीय प्राथमिक विद्यालय मेरुड़ा में गढ़भोज दिवस बड़े ही उत्साह और आत्मीयता के साथ मनाया गया। विद्यालय की रसोई आज केवल भोजनशाला नहीं, अपितु हमारी समृद्ध गढ़वाली संस्कृति की सुगंध से महकता एक संस्कार-केन्द्र बन गई।
विद्यालय की कर्मठ एवं स्नेहमयी भोजनमाता अनीता देवी ने अपनी कुशल पाक-कला और मातृवत स्नेह से पारम्परिक पहाड़ी व्यंजनों को नया जीवन दिया। उनके हाथों से बने – पौष्टिकता से भरपूर गहत (कुल्थ) के फाणु-भात, घर के आँगन की शुद्धता समेटे कद्दू के कोमल पत्तों की सब्जी और प्रेम की मिठास घोलती खीर ने थाली में केवल भोजन नहीं, बल्कि पहाड़ का स्वाद, संस्कृति और ममता परोसी।

भोजन के इस दिव्य प्रसाद को पाकर नन्हें-मुन्ने विद्यार्थियों के चेहरों पर जो तृप्ति और प्रसन्नता के भाव थे, वे अवर्णनीय थे। बच्चों ने बड़े चाव से गढ़भोजन ग्रहण किया और अपनी मिट्टी के भोजन के महत्व को समझा।
यह आयोजन न केवल मध्यान्ह भोजन योजना का एक पड़ाव था, बल्कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप स्थानीय अन्न, स्थानीय संस्कृति और स्थानीय स्वाद से जुड़ाव का एक सार्थक शैक्षिक प्रयास भी था।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने भोजनमाता श्रीमती अनीता देवी जी के इस सराहनीय एवं स्नेहपूर्ण कार्य के लिए उनका हृदय से आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।
