कोटद्वार। पौड़ी गढ़वाल जिले के विकासखंड कोट स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय देवल की प्रधानाध्यापिका कांति कोहली को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘उत्तराखंड गौरव रत्न पुरस्कार 2024-25’ से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान 1 नवंबर 2026 को कोटद्वार स्थित टीसीजी पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया। उनकी इस उपलब्धि से कोट ब्लॉक सहित पूरे पौड़ी जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।

कांति कोहली ने अपने समर्पण, मेहनत और नवाचारपूर्ण प्रयासों से राजकीय प्राथमिक विद्यालय देवल की शैक्षिक व्यवस्था को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने न केवल विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया, बल्कि हर वर्ष छात्र-छात्राओं के नामांकन में भी वृद्धि की है।

एक ओर जहां सरकारी विद्यालयों में घटते छात्र नामांकन और अभिभावकों के विश्वास को बनाए रखना चुनौती बना हुआ है, वहीं कांति कोहली ने अपने प्रयासों से सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत करने का कार्य किया है। उनके इन्हीं प्रयासों और उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया।
समारोह में मुख्य अतिथि उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु भूषण खंडूड़ी तथा डिस्कवर उत्तराखंड 24 न्यूज के चीफ एडिटर श्री अम्बेश पंत की गरिमामयी उपस्थिति में उन्हें सम्मानित किया गया। सम्मानित जूरी सदस्यों एवं आयोजन समिति द्वारा पौड़ी जिले के कोट ब्लॉक से कांति कोहली का चयन किया जाना उनके शैक्षिक योगदान को मिली विशेष पहचान है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानाध्यापिका कांति कोहली ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि 1 नवंबर 2026 का दिन उनके जीवन के अविस्मरणीय और गौरवपूर्ण क्षणों में शामिल हो गया है। उन्होंने इस सम्मान के लिए विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु भूषण खंडूड़ी, श्री अम्बेश पंत, जूरी सदस्यों एवं पूरी आयोजन टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें भविष्य में भी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और ऊर्जा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित करेगा।
कांति कोहली की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, टीसीजी पब्लिक स्कूल प्रबंधन, कोट ब्लॉक के शिक्षकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल विद्यालय परिवार बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।
