तेलीपाड़ा स्थित नजीबाबाद रोड से जुड़ी मुख्य सड़क पिछले कई महीनों से खराब स्थिति का शिकार बनी हुई है। यहां कुछ महीनों पहले सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी गई थी, लेकिन बाद में सरकार या जिम्मेदार विभाग द्वारा पक्की मरम्मत नहीं कराई गई। केवल मिट्टी भरकर सड़क को छोड़ दिया गया, जिसके कारण अब स्थानीय लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सीवर काम के बाद सड़क की दुर्दशा — स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय निवासियों के अनुसार, करीब चार महीने पहले सीवर लाइन बिछाने के नाम पर सड़क खोदी गई थी। कार्य समाप्त होने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं की गई, बल्कि केवल खोदे गए हिस्सों को मिट्टी भरकर ही छोड़ दिया गया। बारिश के मौसम में मिट्टी कीचड़ में बदल जाती है, जिससे:
- सड़क पर फिसलन और गड्ढों की संख्या बढ़ गई है
- राहगीर, विशेषकर स्कूल जाने वाले बच्चे फिसलकर गिर रहे हैं
- घरों के सामने की सड़क गड्ढों और कीचड़ से भरी हुई है
- बच्चों और आम जनता के लिए सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गया है
बहुत से अभिभावक यह मानते हैं कि यह मार्ग अत्यधिक व्यस्त है, लेकिन खराब स्थिति के कारण हादसे का जोखिम हमेशा बना रहता है।
स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों ने बार-बार सड़क की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों से जल्द सड़क की मरम्मत कर समस्या का समाधान करने की मांग की है ताकि:
🔹 बच्चों और आम जनता को सुरक्षित मार्ग मिल सके
🔹 आने वाले समय में दुर्घटनाओं को रोका जा सके
🔹 रोज़मर्रा के आवागमन में सुधार हो सके
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर जल्द कार्य किया नहीं गया तो सड़क के हालात और बिगड़ सकते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
क्या कहना है विभाग का?
अभी तक किसी सरकारी विभाग या कार्यदायी संस्थान की तरफ़ से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि विभाग व्यवहारिक मरम्मत कार्य शुरू करेंगे और सड़क को पक्का बनाकर आम जनहित में प्राथमिकता देंगे
तेलीपाड़ा की यह घटना केवल एक सड़क समस्या नहीं, बल्कि स्थानीय जीवन और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है। यदि मरम्मत कार्य जल्द नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में:
🔹 सड़क और भी अधिक टूट सकती है
🔹 दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ सकती है
🔹 स्कूल जाने वाले बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा जोखिम में पड़ सकती है
इस समस्या से निजात पाने के लिए प्रशासन, इंजीनियर विभाग और स्थानीय प्रतिनिधियों को मिलकर तेज़, पारदर्शी और प्रभावी मरम्मत योजना लागू करनी चाहिए।



