पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेन्द्रपाल सिंह रावत ने उत्तराखण्ड सरकार में कैबिनेट मंत्री सैनिक कल्याण एवं ग्राम्य विकास, गणेश जोशी को लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग निर्माण में पैरवी करने को लिखा पत्र महेन्द्रपाल सिंह रावत, अध्यक्ष, पूर्व सैनिक संघर्ष समिति, कोटद्वार ने अपने पत्र में उत्तराखण्ड के गढ़वाल एवं कुमाऊं मण्डल और उत्तर प्रदेश के मिलिट्री स्टेशन मुख्यालयों को जोड़ने वाली बहुआयामी लालढांग, कोटद्वार, रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान किये जाने का अनुरोध किया गया है।

अपने पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है कि उत्तराखण्ड में स्थित भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून, लैंसडाउन सैन्य अकादमी और रानीखेत सैन्य अकादमी में गढ़वाल और कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर है, जो भारतीय सैन्य अधिकारियों एवं जवानों को प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इन सैन्य अकादमियों को जोड़ने के लिए वर्तमान में बहुआयामी सड़क की अनुपलब्धता एक बड़ी चुनौती है।
ब्रिटिशकाल में बनाई गयी सड़कों की स्थिति अत्यन्त खराब है। ऐसे में एक बहुआयामी राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य किया जाना नितान्त आवश्यक हो गया है, जो देहरादून, कोटद्वार, लैंसडोन, रामनगर, हल्द्वानी और रानीखेत को आपस में जोड़ सके। उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेश के सीमान्त क्षेत्रों को जोड़ने के लिए लालढांग – चिल्लरखाल मोटर मार्ग एक बेहतर विकल्प हो सकता है, जिससे उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के सीमान्त क्षेत्रों तक सुगमता से पहुंच बन सकेगी।
उत्तराखंड सरकार में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने पत्र में आग्रह किया है कि उक्त प्रकरण की महता के दृष्टिगत उत्तराखण्ड में स्थित मिलिट्री स्टेशनों एवं उत्तर प्रदेश के मिलिट्री स्टेशन मुख्यालयों को जोड़ने वाली बहुआयामी राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान किये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करेंगे ।
